प्रश्न 8
कठिनमौलिक प्रश्नहिंदी में कोई पंक्ति ग़लत लगे तो अंग्रेज़ी वाली ही मानें।
किस मामले में उच्चतम न्यायालय ने कहा कि संसद संविधान के किसी भी भाग में संशोधन कर सकती है, पर उसके मूल ढाँचे को नहीं बदल सकती?
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सहीसही नहींउत्तर A
सही उत्तर: A
हल
तेरह न्यायाधीशों की पीठ ने 1973 में केशवानंद भारती मामले का निर्णय दिया और मूल ढाँचे का सिद्धांत प्रतिपादित किया।
गोलकनाथ (1967) ने इससे आगे जाकर कहा था कि संसद मौलिक अधिकारों में संशोधन कर ही नहीं सकती; केशवानंद ने उसे पलट दिया।
मेनका गांधी मामले ने अनुच्छेद 21 का विस्तार किया, और बोम्मई मामला राज्यों में राष्ट्रपति शासन से संबंधित था।
- संकल्पना
- मूल ढाँचे का सिद्धांत
- सामान्य समयसामान्य
- 70 से.
- आपका समयआपका
- —
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान से दस प्रश्न, अपनी गति से।