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कृषि

विषय कोड 302 · डोमेन पेपर

यह पेपर कहाँ ले जाता है ↓
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कार्यक्रम जो कृषि की अनिवार्य माँग करते हैं
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उनमें शामिल विश्वविद्यालय

इनमें से हर नियम कृषि का नाम सीधे लेता है — बाक़ी पेपरों का कोई भी संयोजन इन तक नहीं पहुँचता। पाँच में से एक स्लॉट इसे देने का पूरा तर्क यही है।

पेपर एक नज़र में

Agriculture का सब्जेक्ट कोड 302 है। यहाँ जिस सिलेबस की बात है, वह 2026-27 के लिए जारी किया गया है।

यूनिट केवल चार हैं, पर घनी हैं — हर यूनिट में क्रमांकित विषय हैं, और ज़्यादातर विषय आगे अक्षरों वाले उप-बिंदुओं में बँटे हैं। फसल उत्पादन वाली Unit 3 सबसे लंबी है और PDF के दो पेज तक चलती है।

सिलेबस का ढाँचा

दस्तावेज़ चार यूनिट, Unit-1 से Unit-4 तक में बँटा है। Unit 1 आधारभूत विज्ञान है (मौसम, आनुवंशिकी, जैव-रसायन, सूक्ष्मजीव विज्ञान, बीज), Unit 2 पशु, Unit 3 खेत की फसलें और Unit 4 बाग़वानी।

यह सिलेबस सिर्फ़ टॉपिक की सूची है। इसमें प्रश्नों की संख्या, अंक, नेगेटिव मार्किंग या समय नहीं लिखा, और यह भी नहीं कि चार यूनिट का वज़न कितना है। इसे परीक्षा पैटर्न के साथ पढ़ें।

Unit 1: खेती के पीछे का विज्ञान

यह यूनिट जीव विज्ञान और रसायन से लेती है। आनुवंशिकी और पादप प्रजनन सबसे लंबा विषय है, जिसमें आठ उप-बिंदु हैं।

यूनिटक्या शामिल है
Unit-1: Agrometeorology, Genetics and Plant Breeding, Biochemistry and Microbiologyकृषि-मौसम विज्ञान — मौसम के तत्व (वर्षा, तापमान, आर्द्रता, वायु वेग, धूप), मौसम पूर्वानुमान, फसल उत्पादन के संदर्भ में जलवायु परिवर्तन, जलवायु वर्गीकरण, भारत में मानसून; आनुवंशिकी और पादप प्रजनन — कोशिका और उसकी संरचना, mitosis और meiosis, गुणसूत्रों में आनुवंशिक पदार्थ का संगठन, DNA और RNA, मेंडल के वंशागति नियम और उनकी सफलता के कारण, मात्रात्मक वंशागति, सतत और असतत विभिन्नता, एकजीनी और बहुजीनी वंशागति, पादप प्रजनन में आनुवंशिकी की भूमिका, स्व-परागित और पर-परागित फसलें, प्रजनन विधियाँ (introduction, selection, hybridization, mutation, polyploidy, ऊतक और कोशिका संवर्धन), पादप प्रजनन का इतिहास, महत्व और उद्देश्य, पादप जैव-प्रौद्योगिकी — परिभाषा और क्षेत्र; जैव-रसायन — pH और buffers, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, लिपिड, विटामिन, एंज़ाइम और न्यूक्लिक अम्लों का वर्गीकरण और नामकरण; सूक्ष्मजीव विज्ञान — सूक्ष्मजीव कोशिका संरचना, शैवाल, जीवाणु, कवक, actinomycetes, protozoa और विषाणु, श्वसन, किण्वन और कार्बनिक पदार्थ के विघटन में सूक्ष्मजीवों की भूमिका, मृदा वनस्पति और जीव; बीज विज्ञान — एकबीजपत्री और द्विबीजपत्री बीज की संरचना, प्रजनन की विधि, परागण, निषेचन, बीज प्रसुप्ति, बीजों के प्रकार

Unit 2: पशुधन उत्पादन

गाय-भैंस और मुर्गी-पालन का दबदबा है, पर यूनिट का अंत मत्स्य पालन के छोटे विषय से होता है। रोगों की सूची स्पष्ट है और नाम से याद रखने लायक है।

यूनिटक्या शामिल है
Unit-2: Livestock Productionक्षेत्र और महत्व — कृषि और उद्योग में पशुधन का महत्व, भारत में श्वेत क्रांति, महत्वपूर्ण देशी और विदेशी नस्लें, भारत में गाय, भैंस, बकरी, भेड़ और मुर्गी-पालन का वितरण; देखभाल और प्रबंधन — पशु और मुर्गी आवास की प्रणालियाँ, आहार के सिद्धांत और आहार प्रथाएँ, संतुलित आहार (परिभाषा और घटक), बछड़ों, बैलों, गर्भवती और दुधारू पशुओं, चूज़ों, cockerels और layers का प्रबंधन, बीमार पशुओं के लक्षण और सामान्य रोगों के लक्षण (rinderpest, black quarter, खुरपका-मुँहपका, mastitis, haemorrhagic septicaemia, coccidiosis, fowl pox और रानीखेत रोग) तथा उनकी रोकथाम और नियंत्रण; कृत्रिम गर्भाधान — प्रजनन अंग, वीर्य का संग्रह, तनुकरण और संरक्षण, पशु सुधार में कृत्रिम गर्भाधान की भूमिका; पशुधन उत्पाद — दूध और दुग्ध उत्पादों का प्रसंस्करण और विपणन; मत्स्य पालन — मछली, मत्स्य पालन और जलकृषि की परिभाषा, मछलियों की सामान्य विशेषताएँ और प्रकार

Unit 3: फसल उत्पादन

पेपर का केंद्र। इसमें बारह खेत की फसलें नाम से दी हैं जिनके लिए बीज-क्यारी से विपणन तक पूरी प्रथाओं की अपेक्षा है, और अंत में आधुनिक कृषि का विषय है जिसमें प्राकृतिक खेती और remote sensing शामिल हैं।

यूनिटक्या शामिल है
Unit-3: Crop Productionपरिचय — स्वतंत्रता के बाद भारत में खाद्यान्न उत्पादन के लक्ष्य, उपलब्धियाँ और भविष्य के अनुमान, टिकाऊ फसल उत्पादन, कृषि का व्यावसायीकरण और भारत में उसका क्षेत्र, उपयोगिता के आधार पर खेत की फसलों का वर्गीकरण (अनाज, दालें, तिलहन, रेशा, शर्करा और चारा फसलें); मृदा, मृदा उर्वरता, उर्वरक और खाद — मृदा pH, गठन, संरचना, जीव, tilth, उर्वरता और स्वास्थ्य, आवश्यक पादप पोषक तत्व, उनके कार्य और कमी के लक्षण, भारत के मृदा प्रकार, जैविक खाद, straight, complex और मिश्रित उर्वरक, जैव-उर्वरक, समेकित पोषक प्रबंधन, समस्याग्रस्त मृदाएँ, मृदा अपरदन और प्रदूषण, पोषक उपलब्धता के लिए मृदा विश्लेषण; सिंचाई और जल निकास — सिंचाई के स्रोत, वृद्धि की संकट अवस्थाओं, समय अंतराल, मृदा नमी और मौसम के आधार पर सिंचाई निर्धारण, फसलों की जल आवश्यकता, सिंचाई और जल निकास की विधियाँ, जलग्रहण प्रबंधन, सिंचाई जल की गुणवत्ता; खरपतवार नियंत्रण — खरपतवारों का वर्गीकरण और विशेषताएँ, नियंत्रण के सिद्धांत और विधियाँ (कर्षण, यांत्रिक, रासायनिक, जैविक और समेकित); फसलें — बीज-क्यारी तैयारी, बीज उपचार, बुआई, बीज दर, उर्वरक प्रयोग, सिंचाई, अंतर-कर्षण, सामान्य कीट और रोग (जीवाणु, कवक, विषाणु और सूत्रकृमि जनित) और उनका नियंत्रण, समेकित कीट प्रबंधन, कटाई, गहाई और कटाई-उपरांत तकनीक — धान, गेहूँ, मक्का, ज्वार, बाजरा, मूँगफली, सरसों, अरहर, चना, गन्ना, कपास और बरसीम के लिए; मिलेट और उनका महत्व; आधुनिक कृषि — चुनौतियाँ, संरक्षण कृषि, सटीक कृषि, प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, कृषि में remote sensing

Unit 4: बाग़वानी

फल, सब्ज़ियाँ और फूल — हर एक के लिए फसलों की नामित सूची, साथ में प्रवर्धन की विधियाँ और परिरक्षण।

यूनिटक्या शामिल है
Unit-4: Horticultureमानव आहार में फलों और सब्ज़ियों का महत्व, फसल विविधीकरण और प्रसंस्करण उद्योग; बाग़ की जगह और अभिन्यास, सजावटी बाग़वानी और गृह-वाटिका; रोपण प्रणालियाँ, training, कटाई-छँटाई, अंतर-फसल, पाले और धूप से सुरक्षा; वृक्ष, झाड़ी, लताएँ, वार्षिक और बहुवर्षीय पौधे — परिभाषा और उदाहरण; बीज, कलम, budding, layering और grafting से प्रवर्धन; फलों (आम, पपीता, केला, अमरूद, नींबू-वर्गीय, अंगूर), सब्ज़ियों (मूली, गाजर, आलू, प्याज़, फूलगोभी, बैंगन, टमाटर, पालक, पत्तागोभी) और फूलों (gladiolus, canna, गुलदाउदी, गुलाब, गेंदा) की खेती, प्रसंस्करण और विपणन; फल-सब्ज़ी परिरक्षण के सिद्धांत और विधियाँ; जेली, जैम, केचप और चिप्स बनाना और उनकी पैकिंग

यह सिलेबस क्या नहीं बताता

यह दस्तावेज़ केवल टॉपिक की सूची है। इससे आपको यह पता नहीं चलेगा:

  • हर यूनिट से कितने प्रश्न आएँगे, न ही अंक, नेगेटिव मार्किंग और समय — ये परीक्षा पैटर्न पर हैं;
  • किसी यूनिट का weightage — Unit 3 पेज पर सबसे लंबी है, पर सिलेबस यह नहीं कहता कि उससे ज़्यादा प्रश्न आएँगे;
  • प्रश्न कितने कठिन होंगे — नामित नस्लों, फसलों और रोगों की याद पर आधारित या तर्क-आधारित;
  • कौन-सी किताबें पढ़ें — सिलेबस में कोई पुस्तक नहीं दी गई;
  • दाख़िले में कोई विश्वविद्यालय इस पेपर को कितना वज़न देता है — इसे स्वीकार करने वाले कार्यक्रम नीचे सूचीबद्ध हैं, पर अंक या वरीयता का नियम हर विश्वविद्यालय के अपने बुलेटिन में है।

एक छोटी बात: PDF में छपे पेज नंबर PDF की पेज-गिनती से एक पीछे चलते हैं, क्योंकि कवर पेज पर नंबर नहीं है। इस साइट पर पेज-संदर्भ PDF के पेज से हैं।

प्रश्नों की संख्या या अटेम्प्ट के नियमों के लिए इस सूची की जगह NTA का इन्फॉर्मेशन बुलेटिन और परीक्षा पैटर्न देखें।

यह पेपर आपको कहाँ ले जा सकता है

वे कार्यक्रम जिनका नियम कृषि का उपयोग कर सकता है, उन 8 विश्वविद्यालयों से जिनके दस्तावेज़ हमने पढ़े हैं। इनमें से एक तक किसी और रास्ते से नहीं पहुँचा जा सकता।

B Design (Fashion) [ 2+2 with international credit transfer option] · B Sc (IT) [2+2 with international credit transfer option] · B. Arch. · और 105 अन्य

B.A. (Hons.) Political Science · B.A. (Programme) · B.A. (Hons.) Psychology · और 45 अन्य

Bachelor of Science (Agriculture) (Honours/Honours with Research) · Bachelor of Technology (Computer Science & Business Systems) · Bachelor of Technology (Computer Science & Engg.) - 3 Continent · और 11 अन्य

Bachelor of Arts (Global Studies) · Bachelor of Arts (Hons.) - Economics · Bachelor of Arts (Hons.) - English · और 11 अन्य

Bachelor of Fine Arts (BFA) · B.A. LL.B. (Hons.) · Five Year Integrated Programme in Management (BBA & MBA) · और 7 अन्य

B.Sc. (Honours) Agriculture · B.Voc. Food Processing and Management

Integrated B.Sc. & M.Sc. in Geospatial Science · B.A. (Hons.) Economics

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